Category: दिसंबर-२०२१

तत्त्वज्ञ श्रावक मुलतान मल बैद का संक्षिप्त परिचय (Brief introduction of the philosopher Multan Mal Baid)

तत्त्वज्ञ श्रावक मुलतान मल बैद का संक्षिप्त परिचय (Brief introduction of the philosopher Multan Mal Baid)

तत्त्वज्ञ श्रावक मुलतान मल बैद का संक्षिप्त परिचय (Brief introduction of the philosopher Multan Mal Baid) : चाड़वास: अद्भुत सादगी, सहनशीलता, समता और सरलता के प्रतीक अध्यात्म पुरुष पूज्य पिताजी श्री मुलतान मल जी बैद का जीवन आज की पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों के लिए अति प्रेरणा दायक है। अक्सर हमें कई विद्वान विभूतियों, तत्त्ववेताओं और अध्यात्मजनों के बारे में जानने व सुनने को मिलता है। कभी-कभी यह प्रश्न उठ सकता है, इतना सारा आध्यात्मिक ज्ञान और तात्त्विक ज्ञान किसलिए, हमारे दैनिक जीवन में इनकी क्या प्रासंगिकता है? इस तरह के प्रश्नों के जवाब हमें पूज्य पिताजी के जीवन से...

चाड़वास के धर्मस्थल (shrines of chadvas)

चाड़वास के धर्मस्थल (shrines of chadvas)

चाड़वास के धर्मस्थल (shrines of chadvas)गांव के पुराने धर्मस्थलों में २२० वर्ष पुराने ठाकुरजी के दो मंदिर हैं। सदियों से महन्त पूजा अर्चना करते आये हैं। एक समय मिश्रजी पूजा करते थे। आज भी पूजा-पाठ चालू है, परन्तु भवनों की हालत ठीक नहीं है। हरीराम बाबा का ७५ वर्ष तथा रामदेवजी का १०० वर्ष पुराना मंदिर है। शिवजी के मन्दिर में महन्त परसरामजी की फोटो लगी हुई एक बगीची है। तोलियासर भैरूंजी व शीतलामाता के मंदिर हैं तथा बाबाजी व मालासी भैरूंजी के थान भी हैं। सार्दुलगढ़ में शनिश्चिरजी के दो मंदिर हैं। वहां पर एक शिवजी का भी मंदिर हैं।...

चाड़वास का अतीत (Past of Chadvas)

चाड़वास का अतीत (Past of Chadvas)

चाड़वास का अतीत (Past of Chadvas)धन चले जाने से राष्ट्र नष्ट नहीं हो सकता, किन्तु इतिहास और प्राचीन गौरव समाप्त हो जाने पर उसका विनाश हो जाता है। अतीत बूढ़ा हो सकता है किन्तु भुलाया नहीं जा सकता, इसी संदर्भ में राजस्थान के एक छोटे से ग्राम ‘चाड़वास’ का लगभग ४५० वर्षो का इतिहास आज अक्षुण्य है, जिसकी संस्कृति, सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक जानकारी प्रस्तुत है: १६वीं शताब्दी से पूर्व चाड़वास का यह क्षेत्र ‘डूंचास’ और ‘चंगाणो’ के नाम से जाना जाता था। सुजानगढ़ की अग्रिम सीमा पर जिसे कि बीदावटी भी कहा जाता था, एक समय मोहिल राजपूत राज करते...