महाराजा अग्रसेन
अग्रसेन ने जब युवा अवस्था में प्रवेश किया तब नागलोक के राजा कुमुद के यहां से राजकुमारी माधवी के स्वयंवर का समाचार आया महाराजा ने अपने दोनों पुत्रों अग्रसेन और शूरसेन को इस स्वयंवर में भाग लेने के लिए भेजा, इस स्वयंवर में भू-लोक के ही नहीं अपितु देवलोक से भी अनेक राजकुमार भाग लेने आए थे, इन्द्र भी उनमें से एक थे। राजकुमारी माधवी ने जब स्वयंवर भवन में प्रवेश किया तो उसकी रूप-राशी को देखकर इन्द्र स्तब्ध रह में जहाँ राजस्थान व हरियाणा राज्य है इन राज्यों के बीच सरस्वती नदी बहती थी, इसी सरस्वती नदी के किनारे प्रतापनगर...





