माहेश्वरी समाज वंशोत्पत्ति
माहेश्वरी समाज वंशोत्पत्ति ( Maheshwari Samaj Genealogy in Hindi) माहेश्वरी समाज वंशोत्पत्ति ( Maheshwari Samaj Genealogy in Hindi) : माहेश्वरी समाज! समय के साथ कदम से कदम मिलाने में विश्वास रखता है, इस समाज के सदस्य परिवर्तनशीलता के पक्षधर हैं, इस दृष्टि से सब नित-नवीन हैं। महाकवि कालिदास ने नवीनता की व्याख्या करते हुए लिखा है- पदे-पदे यन्नवतामुमैति, तदैवरूपम् रमणीयताया: कदम-कदम पर जो नवीनता को स्वीकार कर लेते हैं, वे रमणीय रहते हैं। रमणीयता समय की शोभा है और समयरमणीय को रमणीयतम बना देता है। माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के संबंध में अनेक किंवदंतियां हैं। जयपुर जिले के अंतर्गत खंडेला के प्रतापी...





