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संयम साधना के शिखर पुरूषअवधुत श्री पूर्णानन्दजी

संयम साधना के शिखर पुरूषअवधुत श्री पूर्णानन्दजी

संयम साधना के शिखर पुरूषअवधुत श्री पूर्णानन्दजी वह परम चिन्मयी सत्ता जिसने यह उपलब्ध कर लिया न मैं नामरूप हूँ, न ये नामरूप मेरे हैं, मैं अखण्ड, अद्वैत सच्चिदानन्द ब्रह्म हूँ' ऐसी चिन्मयी सत्ता इस संसार से चले जाने पर भी ज्यों-की-त्यों अखण्ड रह जाती है। घड़े के फूटने से आकाश नहीं फूट जाता, वह न तो घड़े का बन्दी था न उसका मुखापेक्षी। नाम और रूप की मिथ्या ग्रन्थियों से छूट कर वह अपने अखण्डानन्द स्वरूप में स्थित हो जाता है। यही उस ब्रह्मविद्‌-निष्ठ के लिए भी सत्य है जिसे जगत संत शिरोमणि पूर्णानन्दजी महाराज ‘बापजी' के नाम से जानते...

‘रिंणी’ तारानगर की प्राचीनता

‘रिंणी’ तारानगर की प्राचीनता

‘रिंणी’ तारानगर की प्राचीनता ‘रिंणी’ तारानगर की प्राचीनता १६ मार्च १९४१ ई. को यहाँ के जनहितैषी शासक तारासिंह जी के नाम पर चुरु जिले का कस्बा ‘तारानगर’ बना था, इससे पहले इस परिक्षेत्र का नाम ‘रिंणी’ था। ‘‘रिंणी’’ का नाम आते ही उत्सुकता रहती है कि ‘रिंणी’ नाम कब व क्यों पड़ा था यथा अलवर में रीणी भी है। ‘रिणी’ जियोलोजीकल शब्द है, जिसका अर्थ है कि जल शुष्क होने से बने रेतीले मैदान को ‘रिन’ ‘रिंणी’ ‘रैनी’ ‘रैणी’ (बोली के कारण) कहेंगे, ईसा से लगभग २००० वर्ष पूर्व (जब भी नदियां शुष्क हुई) यानी आज से लगभग ४००० वर्ष पूर्व...

महाराजा डूँगरसिंह बीकानेर

महाराजा डूँगरसिंह बीकानेर

बीकानेर राज्य बीकानेर राज्य की तत्कालीन डूँगरगढ़ तहसील के संबंध में भी राय बहादुर हुक्म सिंह सोढ़ी ने कतिपय मूल्यवान तथ्यात्मक जानकारियां अपनी कृति में समाहित की है। सोढ़ी लिखते हैं कि डूँगरगढ़ तहसील में कुल ७९ गांव हैं जिनमें से तीन गांव खालसा श्रेणी के हैं जबकि शेष सभी गांव पट्टेदारों के जागीरी गांव है। उन्होंने लिखा है कि डूँगरगढ़ तहसील की कुल जनसंख्या ४४००७ है, जिसमें २२०६३ पुरुष तथा २१४०४ महिलाएं है, वे यह भी लिखते हैं कि इस आबादी में ४१०५३ हिंदू तथा ११२१ मुस्लिम हैं जबकि १८३३ लोग अन्य जातियों से हैं, यहां पर स्थित डाकखानों तथा...

श्रीडूँगरगढ़

श्रीडूँगरगढ़

श्रीडूँगरगढ़ राजस्थान के बीकानेर जिले का एक प्रगतिशील क़स्बा है, प्रकृति द्वारा निर्मित चारों तरफ रेतीले टिल्लों से घिरा अपने आप में एक दर्शनीय स्थल है, इसकी बसावट एक प्याले के आकार की है तथा शहर के एक किनारे से दूसरे किनारे के सीधे रास्तों के कारण आर-पार देखा जा सकता है एवं प्रत्येक रास्ता चौराहा बनाता है। बीकानेर – दिल्ली रेलवे मार्ग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग -११ पर बीकानेर से ७० किमी. पहले स्थित है, इसकी वर्तमान आबादी ग्रामीण क्षेत्र २४१०८४ तथा शहरी ५३३१२ जिसमें पुरूषों की १५३५५३ एवं महिलाओं की १४०८४२ हैं, जो नगरपालिका मंडल के ३० वार्डो में विभाजित...

अग्रबंधू सेवा समिति मुम्बई द्वारा विज्ञान प्रयोगशाला में उपकरण प्रदान

अग्रबंधू सेवा समिति मुम्बई द्वारा विज्ञान प्रयोगशाला में उपकरण प्रदान

अग्रबंधू सेवा समिति मुम्बई के संस्थाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण अग्रवाल (मन्नू सेठ) के सानिध्य एवं महिलाध्यक्षा श्रीमती शोभा बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आदिवासी गांव के स्कूल ‘प्रभा हीरा गांधी हायस्कूल वड़ोली’, तालुका – जव्हार, जिला – पालघर में विज्ञान प्रयोगशाला में उपयोग हेतु स्कूल के लिए उपकरण प्रदान किये गये। यह कार्यक्रम मानदमंत्री उदेश अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष गोपालदास गोयल के मार्गदर्शन तथा मंत्री मधु राजेन्द्र अग्रवाल द्वारा की गई व्यवस्था में सम्पन्न हुआ, जिसमें उपाध्यक्ष श्रीमती सुधा अग्रवाल, संयुक्तमंत्री प्रीति गुप्ता, निशा जैन और अन्य सदस्याओं ने भी भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। ट्रस्टी कानबिहारी अग्रवाल एवं संयुक्तमंत्री अनिल आर. अग्रवाल...

राजा गंधर्व सेन का सांडेराव (फालना)

राजा गंधर्व सेन का सांडेराव (फालना)

गौरवशाली भारत देश के राजस्थान प्रान्त में फालना स्टेशन से १२ किलोमीटर दूर जोधपुर संविभाग के पाली जिले में साण्डेराव नामक नगर। अजमेर जाने वाली सड़क के दाहिनी ओर श्री महादेव पहाड़ के नीचे पहाड़ के नीचे यह सुन्दर प्राचीन नगर बसा हुआ है, यहाँ पाली, सुमेरपुर, फालना, उदयपुर, तखतगढ़, जालोर आदि अनेक स्थानों से बसे आतीजाती रहती हैं। जयपुर, दिल्ली, अहमदाबाद आदि नगरों को जाने वाली मुख्य सड़क पर यह नगर स्थित है। यातायात की सुविधा के कारण इसका विशेष महत्व है, इस नगर का महत्त्व इसलिए भी है कि यह गोड़वाड़ की पंचतीर्थी के समीप है। जगत-प्रसिद्ध त्रैलोक्यदीपक श्री...

साण्डेराव का इतिहास हजारों साल पुराना है

साण्डेराव का इतिहास हजारों साल पुराना है

रतनचंद पुनमिया जैन सांडेराव निवासी-मुंबई प्रवासी जीवन को लगातार संघर्षो के नाम लिख देने वाले ८२ वर्ष के रतनचंद कुंदनमलजी पुनमिया (सांडेराव) कर्म साधना संकल्पनिष्ठा एवं सत्यता स्पष्टवादिता के रंगों में रचे बसे कर्मयोगी हैं, आप जीवन और अध्यात्म के प्रति सुसंस्कारों के अनुयायियों में गिने जाने वाले एक सशक्त हस्ताक्षर है, जानते हैं ऐसे विरार व्यक्तित्व के बारे में… रतनचंद जी पुनमिया अपनी लगन व मेहनत के बल पर अपने पिता द्वारा स्थापित आभूषणों के कारोबार का विस्तार किया। ‘कुंदन ज्वेलर्स’ मुंबई में जाना माना नाम है, जिसकी कई शाखाएं है। मुंबई प्रवासी होते हुए भी अपनी जन्मभूमि सांडेराव के...

माता-पिता और बच्चों का संबंध

माता-पिता और बच्चों का संबंध

विश्व खेल न्यूज द्वारा कराटे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्कूली लड़के, साहसी लड़कियों तथा कराटे सिखाने वाले कोचों तथा कराटे खेल प्रतियोगिता में विश्व खेल दिवस के उपलक्ष पर बच्चों द्वारा प्राप्त की गयी उपलब्धियों हेतु प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय व अनेकों राष्ट्रीय राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित वरिष्ठ समाजसेवी व लेखक शरद गोपीदासजी बागड़ी, भाजपा उत्तर नागपुर अध्यक्ष दिलीप गौर, डाँ. हिना ईकबाल, पुलिस कराटे प्रशिक्षक मौशमी गुप्ता, मोना रामानी के हाथों दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। मौहम्मद सलीम ने मुख्य अतिथि...

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