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कर्मठ व जुनूनी व्यक्तित्व के धनी

कर्मठ व जुनूनी व्यक्तित्व के धनी

-महेश बंसीधर अग्रवाल मुंबई: कर्मों की कर्मठता से ही व्यक्ति की पहचान होती है। सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों का उद्देश्य मानव मात्र की प्रेमत्व सेवा से प्रारूपित होता है, ऐसे लोग समाज को नवसृजित करते हैं, जहां सहयोग की आमेटता के साथ समृद्धि का स्वरूप निखारता है, ऐसे ही कर्मठ व्यक्तित्व के धनी है सुप्रसिद्ध, उद्योगपति, जनमानस, राष्ट्र व समाज सेवार्थ समर्पित महेश बंसीधर अग्रवाल। सुप्रसिद्ध समाजसेवी और दिग्गज उद्योगपति महेश बंसीधर अग्रवाल ने अपने बेमिसाल हुनर, शानदार तकनीक और बेहतरीन मैनजमेंट के कारण हैवी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जो ऊँचा मुकाम बनाया है उसे जानकर आज हर बृजवासी उन पर...

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

नई दिल्ली: २४ जनवरी २०१९ राजस्थान को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन केलिए राष्ट्रीय अवार्ड प्रदान किया गया हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस पर गुरूवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित अवार्ड समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गाँधी ने राजस्थान को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लक्ष्यों को हाँसिल करने, योजना की बेहतर ढंग से समीक्षा करने, मार्गदर्शन प्रदान करने और सर्वांगीण सहयोग प्रदान करने के लिए रेखांकित श्रेणी में यह अवार्ड दिया। राजस्थान की ओर से यह अवॉर्ड समेकित बाल विकास की निदेशक श्रीमती सुषमा अरोड़ा ने...

राजस्थान रत्नाकर द्वारा २.५० लाख कॉपियां वितरित की जायेगी

राजस्थान रत्नाकर द्वारा २.५० लाख कॉपियां वितरित की जायेगी

नई दिल्ली: २१ जनवरी, २०१९ अप्रवासी राजस्थानियों की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रमुख स्वयंसेवी संस्था ‘राजस्थान रत्नाकर’ द्वारा ज़रूरतमंद छात्र छात्राओं को २.५० लाख कॉपियों का वितरण करवाया जायेगा, संस्था द्वारा छपवाई जा रही इन कॉपियों पर सौर- ऊर्जा का विशेष संदेश भी होगा, जिसके उत्पादन की राजस्थान में प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं। संस्था के चैयरमेन राजेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई प्रबन्ध कार्यकारिणी की बैठक में प्रधान रमेश कनोडिया ने यह जानकारी दी, उन्होंने बताया कि संस्था अपने सदस्यों को २५ रु.बाजार मूल्य की इन कॉपियों को मात्र ६ रु. में उपलब्ध करवायेगी, शेष खर्च संस्था स्वयं वहन करेगी। संस्था...

श्री विश्वकर्मा भगवान

श्री विश्वकर्मा भगवान

हम अपने प्राचीन ग्रंथों उपनिषद एवं पुराण आदि का अवलोकन करें तो पायेगें कि आदि काल से ही विश्वकर्मा शिल्पी अपने विशिष्ट ज्ञान एवं विज्ञान के कारण ही न मात्र मानवों अपितु देवगणों द्वारा भी पूजित और वंदित हैं। भगवान विश्वकर्मा के आविष्कार एवं निर्माण कार्यों के सन्दर्भ में इन्द्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेरपुरी, पाण्डवपुरी, सुदामापुरी, शिवमण्डलपुरी आदि का निर्माण इनके द्वारा किया गया है। पुष्पक विमान का निर्माण तथा सभी देवों के भवन और उनके दैनिक उपयोगी होनेवाले वस्तुएं भी इनके द्वारा ही बनाया गया है। कर्ण का कुण्डल, विष्णु भगवान का सुदर्शन चक्र, शंकर भगवान का त्रिशुल और यमराज का...

जय श्री बाबा गंगाराम

जय श्री बाबा गंगाराम

झुंझुनूवाले विष्णु अवतारी श्री बाबा गंगारामजी का २७ वां विराट वार्षिक महोत्सव सम्पन्न मुंबई: श्री बाबा गंगाराम सेवा समिति, मुंबई के तत्वावधान में दिनांक: ३० दिसंबर २०१८, रविवार को विश्व शांति एवम राष्ट्रहित हेतु झुंझुनूवाले विष्णु अवतारी श्री बाबा गंगारामजी का २७वां विराट वार्षिक महोत्सव बांगुर नगर स्थित सरस्वती पार्क, गोरेगांव पश्चिम में बड़े ही हर्षोल्हास से मनाया गया, इस महोत्सव का शुभारंभ दोपहर २.१५ बजे अखण्ड ज्योति प्रज्जवलन से प्रारम्भ हुआ। श्री बाबा गंगाराम सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील मोदी ने ‘मेरा राजस्थान’ को बताया कि संस्था के इतिहास में झुंझुनूवाले विष्णु अवतारी श्री बाबा गंगारामजी तथा श्री पंचदेव मंदिर...

जानें राजस्थान को…

जानें राजस्थान को…

कालीबंगा किस जिले में स्थित है? -हुनमानगढ़ मोहनजोदड़ो, हड़प्पा के समकालीन राजस्थान की प्राचीन सभ्यता कौन सी थी? – कालीबंगा, आहड़ कालीबंगा में उत्खनन, प्रथम चरण का कार्य कब आरभ हुआ? – १९६०- १९६१ में कालीबंगा सभ्यता कितने वर्ष पुरानी है:-५००० कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ क्या है? – काली चुडिया जीवंत स्वामी की धातुमूर्ति, प्रतिहार कालीन जून १९८६ को कहा से प्राप्त हुई? – बरवाला, पाली महाभारत काल के अवशेष कहां प्राप्त हुए? – जयपुर के निकट बैराठ में तथा भरतपुर के नोह में महिषासुर – मर्दिनी की मृणमूर्ति जो इस देवी का प्राचीनतम अंकन है, ये कहा से प्राप्त हुई...

मौसमी-रोग ऐसे निपटें सर्दी-जुकाम से

मौसमी-रोग ऐसे निपटें सर्दी-जुकाम से

सर्दी-जुकाम वायरस की वजह से होता है, ये कई माध्यमों से फैलते हैं। सर्दी लगना राइनोवायरस के कारण होता है। यह वायरस तीन घंटों तक किसी ठोस सतह पर सक्रिय रह सकता है जैसे दरवाजे की कुंडी या टेलीफोन के चोंगे आदि पर। आप सोचते हैं कि सर्दी-जुकाम तो इस मौसम के तोहफे जैसे हैं तो एक बार फिर सोच लीजिए। सर्दियों में करीब २०० वायरस आपको बीमार करने की ताक में बैठे है और एक औसत तक मानव शरीर इन सबसे लड़ने में सक्षम नहीं होता। इसके अलावा सर्दी-जुकाम तो केवल लक्षण मात्र हैं, बीमारी तो और गहरी हो सकती...

भारतीय राष्ट्रभाषा

भारतीय राष्ट्रभाषा

भारतीय भाषा अपनाओ अभियान           गतांक से आगे २५ दिसम्बर को शुरू हुई भारतीय भाषा सम्मान यात्रा विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए २९ दिसंबर २०१८ को यात्रा दल सेलम पहुंचे, सेलम में सर्वप्रथम श्री दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जी पाटनी व कार्यभार संभालने वाले श्री अजय जी ने सब का स्वागत किया और एक सभा का आयोजन किया गया, सभा में जब सभी को पता चला कि हमारे देश भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है, सभी को काफी दुख हुआ, मलाल हुआ और अपने विचार व्यक्त किए कि बिजय कुमार जी आप आगे बढ़ें,...

राजस्थान के कण-कण की झलक दिखाता नागपुर का राजस्थानी महोत्सव

राजस्थान के कण-कण की झलक दिखाता नागपुर का राजस्थानी महोत्सव

नागपुर नागपुर: राजस्थानी महोत्सव अपने आप में अनोखा महोत्सव रहा, महोत्सव इस वर्ष नागपुर में २१ से २६ दिसंबर को आयोजित किया गया, जिसका प्रारंभ वर्ष १९९९ में हुआ था, अब ३-४ वर्ष में एक बार आयोजित किए जाते है, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अपनी पैतृक भूमि राजस्थान के संस्कृति खान-पान, रहन-सहन आदि को अपनी कर्मभूमि नागपुर में बसे राजस्थानियों के समक्ष प्रस्तुत कर उन्हें जोड़ना व युवा पीढ़ि को इससे अवगत कराना, साथ ही महाराष्ट्र के लोगों को भी राजस्थानी सस्कृति की झलक दिखाना, ६ दिनों में ३ घंटों का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, इस वर्ष राजस्थान...

गणतंत्र दिवस भारतीय स्वतंत्रता व स्वाभिमान का प्रतीक

गणतंत्र दिवस भारतीय स्वतंत्रता व स्वाभिमान का प्रतीक

भारतीय स्वतंत्रता व स्वाभिमान का प्रतीक हर २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है क्योंकि यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हर वर्ष का २६ जनवरी ही एक ऐसा दिन है, जब प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्वपूर्ण स्मृतियां हैं, जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई हैं।जैसे २६ जनवरी, १९५० को भारत का संविधान लागू हुआ और इस प्रकार यह सरकार के संसदीय रुप के साथ एक संप्रभुताशाली समाजवादी लोकतांत्रिक गणतंत्र के रुप में ‘भारत’ सामने आया। भारतीय संविधान, जिसे देश की सरकार की...

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